कुछ साल पहले एक फिल्म आयी थी सिंघम रिटर्न्स इसमें अरिजीत सिंह का गया हुआ एक गीत था "सुन ले जरा" इसमें फिल्म का हीरो बाजीराव एक दरगाह पर दुआ मांगता हुआ दिखाया गया है, इसमें वो दरगाह नतमस्तक भी होता है जिसको शीश झुकाना भी कहा सकते हैं
इन्टरनेट से लिया है अगस्त 2014 का है जब फिल्म आई थी[/caption]तब एक तरफ अजय देवगन थे और तथाकथित हिंदूवादी संघठन एक तरफ, धमकियों का दौर था देशव्यापी विरोध, जो सनेमा दिखायेगा तोड़ देंगे, अजय देवगन का बहिष्कार करेंगे, सिंघम रिटर्न्स का बहिष्कार करेंगे, जो नहीं मानेगा वो हिन्दू धर्म का दुश्मन, इनकी दुकान बंद कराएँगेफिल्म के शीर्षक के हिसाब से हीरो लौट कर आता है और मेरे लेख के हिसाब से समय लौट कर आया है किरदार वही हैं कुछ कुछ कुछ नए किरदारों और पटकथा के साथ
पिछले कुछ दिनों से देख पढ़ रहा हूँ की "ऐ दिल है मुश्किल" का विरोध हो रहा है कहा जा रहा है इसमें पाकिस्तानी कलाकार ने काम किया है इसलिए हमें इसका बहिष्कार करना चाहिए यहाँ तक की मुख्यमंत्री की मौजूदगी में महाराष्ट्र के अनौपचारिक बहिष्कार मंत्री (घड़ी घड़ी उत्तर भारतियों पर लाठी डंडे चलाने वाले) ने पांच करोड़ रूपये कहीं जमा कराने के लिए धमकी देकर मांग लिए|
इसका सिंघम रिटर्न्स से क्या लेना देना ये आपने मन में आएगा पर ऐ दिल है मुश्किल के साथ एक और फिल्म आई मेरे आराध्य भगवान् राम के आराध्य भगवान् शिव के नाम पर आधारित "शिवाय" जिसमे वही अजय देवगन हीरो की भूमिका में हैं जो सिंघम रिटर्न्स में थे, पर जैसे मैंने कहा समय रिटर्न्स विथ टर्नस, आज वही लोग जो अजय देवगन को बर्बाद करने की कसम खा रहे थे दुआ में लगे हैं कि "शिवाय" हिट हो जाये और "ऐ दिल है मुश्किल" पिट जाये|
ये दोनों बाजार का हिस्सा हैं और मुझे यकीन है दोनों फिल्मे अच्छा मुनाफा करेंगी, पर ये कौन हैं जो बहिष्कार करने आते हैं लाठी डंडे लेकर, धमकियाँ लेकर, सीन काट दो पैसे दे दो, पैसे वहां जमा करा दो ये करदो वो करदो तो विरोध नहीं करेंगे के प्रस्ताव लेकर|
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